दुनिया का एकमात्र ऐसा मंदिर, जहां उल्टे स्वरूप में हैं हनुमान जी

दुनिया का एकमात्र ऐसा मंदिर, जहां उल्टे स्वरूप में हैं हनुमान जी

आपने मंदिरों में देवी-देवताओं की लाखो प्रतिमा खड़े या बैठे स्वरूप में देखी होगी, लेकिन कभी आपने कभी उल्टी स्वरूप में खड़े भगवान की प्रतिमा नहीं देखी होगी। आज हम आपको ऐसे ही एक मंदिर के बारे में बताने जा रहे है| मध्यप्रदेश के इंदौर में एक ऐसा मंदिर है जिसमे हनुमान जी की प्रतिमा हैं जो उल्टी हैं। यह मंदिर मध्यप्रदेश के इंदौर से लगभग 25 किलोमीटर दूर उज्जैन रोड सांवेर में स्थित है।

ऐसा माना जाता है की यह विश्व का एकमात्र ऐसा मंदिर है, जिसमें हनुमान जी की प्रतिमा उल्टे स्वरूप में है। और इसी उल्टे स्वरूप में उनकी पूजा की जाती है। उल्टे हनुमान का यह मंदिर पाताल विजय हनुमान के नाम से भी प्रसिद्ध है।

इस अदभूत हनुमान मंदिर के पुजारी का कहना है कि यह मंदिर कई सैकड़ों वर्ष पुराना है। और इस मंदिर की पूजा अर्चना उनके परिवार की 12वीं पीढ़ी से कर रही हैं।

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इस उल्टे स्वरूप वाले हनुमान मंदिर के साथ त्रेतायुग की एक कहानी जुड़ी हुई है। जिसका रामचरित मानस में भी जिक्र किया गया है कि भगवान राम और रावण के युद्ध के दौरान अहिरावण वानर का रूप धरकर रामजी की सेना में शामिल हो गया था।

रात में वह अपनी जादुई शक्ति से सबको मूर्छित कर राम एवं लक्ष्मण का अपहरण कर उन्हें पाताल लोक ले गया था। तब विभीषण के कहने पर हनुमान जी ने भगवान राम व लक्ष्मण की खोज में पाताल लोक तक गए थे और अहिरावण का वध कर राम और लक्ष्मण को पाताल लोक से वापस लेकर आए थे।

मंदिर के पुजारी का कहना है कि ऐसी मान्यता है कि इसी जगह से हनुमान जी पाताल लोक में गए थे। इसी कारण यहां हनुमान जी का सिर उल्टा है, और जिस कारण यहां उनके उल्टे रूप की पूजा की जाती है।

भक्तो की सची श्रद्धा और आस्था के कारण इस मंदिर में हमेसा भक्तो जमावड़ा लगा रहता है| मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने व्यक्तिगत रूचि लेकर इस मंदिर का जीर्णोद्धार करवाया है।

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